रविवार, 1 दिसंबर 2013

महाभारत यूग के विमान की खोज



ओसामा बिन लादेन नामक इस्लामी आतंकवादी को खोजते हुए अमेरिका के सैनिकों को अफगानिस्तान (कंधार) की एक गुफा में 5000 साल पहले का "विमान" मिला था, जिसे महाभारत काल का बताया जा रहा है ।
सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि Russian Foreign Intelligence ने साफ़ साफ़ बताया है कि ये वही विमान है जो संस्कृत रचित महाभारत में वर्णित है और जब इसका इंजन शुरू होता है तो बड़ी मात्रा में प्रकाश का उत्सर्जन होता है ।

हालाँकि इस न्यूज़ को भारत के बिकाऊ मिडिया ने महत्व नहीं दिया क्यों कि उनकी नजर में भारत के हम हिंदूओ की महिमा बढ़ाने वाली ये खबर सांप्रदायिक है ।

ज्ञातव्य है कि Russian Foreign Intelligence Service (SVR) report द्वारा 21 December 2010 को एक रिपोर्ट पेश की गयी जिसमे बताया गया है कि ये विमान द्वारा उत्पन्न एक रहस्यमयी Time Well क्षेत्र है और जिसकी खतरनाक electromagnetic shockwave से ये अमेरिका के सील कमांडो मारे गये या गायब हो गये तथा इसी की वजह से कोई गुफा में नहीं जा पा रहा था ।

शायद आप लोगों को याद होगा कि महाराज धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी एवं मामा शकुनि गंधार के ही थे ।
महाभारत में इस विमान का वर्णन करते हुए कहा गया है कि -
हम एक विमान जिसमे कि चार मजबूत पहिये लगे हुए हैं एवं परिधि में बारह हाथ के हैं इसके अलावा 'प्रज्वलन प्रक्षेपत्रों ' से सुसज्जित है  परिपत्र 'परावर्तक' के माध्यम से संचालित होता है और उसके अन्य घातक हथियारों का इस्तेमाल करते हैं ।

जब उसे किसी भी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर प्रक्षेपित किया जाता है तो तुरंत वह 'अपनी शक्ति के साथ यह भस्म' कर देता है  और जो जाते समय जो एक 'प्रकाश की शाफ्ट' का उत्पादन किया ।

( जाहिर सी बात है कि महाभारत में विमान एवं मिसाइल की बात की जा रही है )
हमारे महाभारत के इसी बात को US Military के scientists सत्यापित करते हुए यह बताते हैं किये विमान 5000 हज़ार पुराना (महाभारत कालीन) है और जब कमांडो इसे निकालने का प्रयास कर रहे थे तो ये सक्रिय हो गया जिससे इसके चारों और Time Well क्षेत्र उत्पन्न हो गया और यही क्षेत्र विमान को पकडे हुए है इसीलिए  इस Time Well क्षेत्र के सक्रिय होने के बाद 8 सील कमांडो गायब हो गए ।

जानकारी के लिए बता दूँ कि Time Well क्षेत्र  विद्युत चुम्बकीये क्षेत्र होता है जो हमारे आकाश गंगा की तरह सर्पिलाकार होता है ।

वहीं एक कदम आगे बढ़ कर Russian Foreign Intelligence ने तो साफ़ साफ़ बताया कि ये वही विमान है जो संस्कृत रचित महाभारत में वर्णित है।

सिर्फ इतना ही नहीं SVR report का कहना है कि यह क्षेत्र 5 August को फिर सक्रिय हुआ था जिससे एक बार फिर electromagnetic shockwave नामक खतरनाक किरणें उत्पन्न हुई और ये इतनी खतरनाक थी कि इससे 40 सिपाही तथा trained German Shepherd dogs भी इसकी चपेट में आ गए।

ये प्रत्यक्ष प्रमाण है हमारे हिन्दू सनातन धर्म के उत्कृष्ट विज्ञान का और साफ साफ तमाचा है उन सेकुलरों और मुस्लिमों के मुंह पर जो हमारे हिन्दू सनातन धर्म पर ऊंगली उठाते हैं और जिन्हें महाभारत एक काल्पनिक कथा मात्र लगती है ।

External links:
Russian Report Link
Us Report Link
Viman Shastra Wiki


परन्तु केवल महाभारत ही नहीं रामायण में भी विमान का उपयोग किसी से छुपा नहीं है । पुष्पक विमान रावण ने अपने भाई कुबेर से बलपूर्वक हासिल किया था।पुष्पक विमान का प्रारुप एवं निर्माण विधि ब्रह्मर्षि अंगिरा ने बनायी और निर्माण एवं साज-सज्जा भगवान विश्वकर्मा द्वारा की गयी थी। इसी से वह 'शिल्पी' कहलाये।

 श्रीलंका का इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर और वहां के पर्यटन मंत्रालय ने मिलकर श्री लंका में अब तक रावण के चार हवाई अड्डे भी खोजे हैं, जिनके नाम उसानगोडा , गुरुलोपोथा , तोतुपोलाकंदा तथा वरियापोला है ।




शिवकर बापूजी तलपडे द्वारा बनाया गया विमान भी देखें